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Editorial writing

 Editorial writing Editorial article or leader is believed to be the heart and soul of the newspapers. Each and every newspaper and magazine is incomplete without the editorial section. In an editorial, the editors not only share their views but also criticize and appreciate the ongoing topics. Editorial is light in nature they should be interesting, full of thought evoking, and debatable at the same time. An editorial is accepted as the window or reflection of newspapers policies. It means, if an editor is writing an article it is generally assumed that it is the view of the publishing house. An editorial is an article written by the editor or on behalf of any senior editorial people. Sometimes the publisher also writes an editorial or special editorial. Editorial is often unsigned. Editorials are typically published on a particular page, called the editorial page, which often features lead articles, middle articles, write-ups, columns, written by columnists, freelance write...

तकनीकी लेखन

  तकनीकी लेखन तकनीकी लेखन का अर्थ है किसी विशेष विषय के बारे में लिखना। विशेषरूप से विज्ञान व तकनीक संबंधित विषयों पर लेखन को इसमें शामिल माना जाता है परंतु अन्य कुछ विषयों पर लेखन को भी तकनीकी लेखन में शामिल किया जाता है। तकनीकी सिर्फ यांत्रिक नहीं होती। कई क्षेत्रों में विशेष ज्ञान की आवश्यकता होती है। इसलिए उन विषयों पर लेखन को भी तकनीकी लेखन में शामिल माना जाता है। उदाहरण के लिए व्यवसाय, पर्यावरण, खेल आदि पर लेखन को भी तकनीकी लेखन कहा जाता है। इन विषयों में लेखन के लिए विशेष योग्यता की आवश्यकता होती है। इन क्षेत्रों की के नियम व शब्दावलि सामान्य विषयों से अलग हैं। लेखन की इस शैली का रचनात्मक लेखन या अकादमिक लेखन जैसी अन्य लेखन शैलियों की तुलना में अलग उद्देश्य और विशेषताएं होती हैं। संचार माध्यमों के विस्तार के साथ ही विशेष विषयों में लेखन की मांग बढ़ रही है। आज अखबार व पत्रिकाओं के साथ ही रेडियो व टीवी के अलावा डिजिटल मीडिया पर भी विषय विशेष पर लेखन की अधिक आवश्यकता होती है। बहुत सी पत्रिकाएं, टीवी चैनल, वेबसाइट आदि कुछ खास विषयों पर आधारित हैं जो बिजनेस, खेल, विज्ञान, फोटोग...

समाचार पत्र व पत्रिकाओं के लिए लेखन

  समाचार पत्र व पत्रिकाओं के लिए लेखन डॉ. वेद प्रकाश भारद्वाज पहले इस बात पर विचार किया जाए कि समाचार पत्र और पत्रिका क्या है? समाचार पत्र : समाचार पत्र का अर्थ है जन - संचार का वह मुद्रित माध्यम जो लोगों तक नवीनतम जानकारियां पहुंचाने का काम कर ता है। इसके नाम से ही स्पष्ट है कि इनका मुख्य कार्य समाचारों का सम्प्रेषण है। समाचार का अर्थ है प्रतिदिन होने वाली घटनाएं। समाचार पत्रों में समाचारों के साथ ही समाचार विश्लेषण, संपादकीय, लेख, फीचर आदि भी प्रकाशित होते हैं। इसके साथ ही विशेष विषयों, शिक्षा, रोजगार, सिनेमा, साहित्य, कला आदि पर परिशिष्ट प्रकाशित किए जाते हैं। समाचार पत्रों में महिलाओं व बच्चों के लिए भी पृष्ठ होते हैं। आजकल समाचार पत्र आंशिक रूप से पत्रिकाओं की भूमिका भी निभाते हैं। इसके बाद भी समाचार पत्रों का मुख्य कार्य समाचार देना है। इसीलिए समाचार पत्रों में लेखन अलग तरह से किया जाता है। उनमें विज्ञान व तकनीकी विषयों पर भी आसान भाषा में लिखना होता है। समाचार पत्रों के लेखन को इसीलिए विवरणात्मक लेखन कहा जाता है। पत्रिका : समाचार पत्र से अलग पत्रिका का प्रकाशन एक अंतर...

इंटरप्रेटिव राइटिंग यानी व्याख्यातम लेखन Interpretative writing

  इंटरप्रेटिव राइटिंग यानी व्याख्यातम लेखन डॉ. वेद प्रकाश भारद्वाज Dr. Ved Prakash Bhardwaj व्याख्या त्मक लेखन का अर्थ होता है किसी भी विषय का विश्लेषण करते हुए वैचारिक लेखन करना । इसमें विषय के बारे में पूर्ण जानकारी के साथ उसकी उपयोगिता व गुण-अवगुण का भी उल्लेख किया जाना जरूरी होता है। पत्रिकाओं में होने वाला लेखन ज्यादातर व्याख्यात्मक लेखन होता है। इसे विश्लेषणात्मक लेखन भी कह सकते हैं। जो भी वैचारिक लेखन होता है वह व्याख्यात्मक लेखन की श्रेणी में आता है। समाचार पत्रों व पत्रिकाओं के अलावा रेडियो पर भी वैचारिक लेखन होता है। इसके अलावा डिजिटल मीडिया पर भी वैचारिक लेखन खूब होता है। ब्लॉग राइटिंग के अलावा वेबसाइटों पर भी वैचारिक लेख प्रकाशित होते हैं। ऑन लाइन पत्रिकाओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है जिससे उसपर व्याख्यात्मक लेखन की आवश्यकता बढ़ती जा रही है। इसे उद्देश्यपूर्ण लेखन भी कहा जाता है क्योंकि इसमें लेखक किसी विषय पर अपने विचार रखते हुए पाठकों को प्रभावित करने का प्रयास करता है। इसका अर्थ है किसी विशेष विषय पर लक्षित समूह के लिए लेखन। वैसे तो सभी प्रकार के लेखन का एक उद...

विवरणात्मक या कथात्मक लेखन (Narrative writing)

  विवरणात्मक या कथात्मक लेखन ( Narrative writing) Dr. Ved Prakash Bhardwaj विवरणात्मक लेखन या वर्णनात्मक लेखन का अर्थ है किसी भी विषय का तथ्यात्मक लेखन। इसे कथात्मक लेखन भी कहा जाता है यानी किसी समाचार चा जानकारी को एक कथा की तरह क्रम से प्रस्तुत करना। वैसे कथा-लेखन में कल्पनाशीलता की आवश्यकता होती है परंतु मीडिया में कथात्मक लेखन का अर्थ कहानी की तरह खबर को क्रम से लिखना है। मुख्यतः समाचार लेखन को हम विवरणात्मक लेखन की श्रेणी में रखते हैं। समाचार पत्रों व अन्य समाचार माध्यमों में सबसे अधिक लेखन इसी प्रकार का होता है। समाचार व रिपोर्ताज लिखने में इसी शैली का प्रयोग किया जाता है। विवरणात्मक लेखन का अर्थ है किसी भी घटना या जानकारी का सही विवरण देना। जब कोई घटना होती है तो पत्रकार उसके विवरणों को ध्यान में रखकर ही खबर लिखते हैं। खबर लिखते समय इस बात का ध्यान रखना होता है कि दिए गए विवरण सही क्रम में लिखे गए हों। यदि तथ्यों को अतार्किक रूप में आगे पीछे कर दिया जाएगा तो पाठक समाचार को ठीक से समझ नहीं पाएगा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इस बात का अधिक ध्यान रखना होता है। वहां श्रोता या ...

खेल पत्रकारिता व लेखन

  खेल पत्रकारिता व लेखन डॉ. वेद प्रकाश भारद्वाज खेल पत्रकारिता व स्वतंत्र खेल लेखन आज एक लोकप्रिय विषय है। मीडिया यानी की टेलीविज़न , रेडियो , अख़बार व पत्रिकाएं और इंटरनेट पर हर वक्त खेल सम्बंधी खबरों व अन्य जानकारी तलाश की जाती रहती है। खेल से संम्बधित हर अखबार और पत्रिका में समाचार होते हैं , कॉलम लिखे जाते है और उनके लिए अलग-अलग पन्ने भी समर्पित होते हैं।  भारत में लोग ना सिर्फ खेल के बारे में पढ़ने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं , बल्कि खेलों का एक सार्वभौमिक पाठक वर्ग भी है। खेल पत्रकारिता का क्षेत्र हर दिन तेज गति से बढ़ रहा है। खेल पत्रकारिता की बढ़ती लोकप्रियता को नाकारा नहीं जा सकता। खेल पत्रकार के कार्य पत्रकार का मुख्य काम खिलाड़ियों और टीम के ऊपर लेख और रिपोर्ट तैयार करना होता है। मीडिया के अलग-अलग माध्यमों के हिसाब से इन रिपोर्ट की रूपरेखा भी अलग-अलग होती है। रेडियो के अलावा मीडिया के सभी रूपों में खेल के समाचारों के साथ ही चित्रों की भी आवश्यकता होती है। कई मामलों में तो शब्दों से अधिक चित्र प्रभावशाली हो जाते हैं। इसलिए एक खेल पत्रकार व लेखक को चित्रों का भी ...

मीडिया लेखन के प्रकार

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  मीडिया लेखन के प्रकार लिखना एक कला है , और यह कला मनुष्य को जन्मजात प्राप्त नहीं होती। इसे अध्ययन और अभ्यास से अर्जित किया जाता है। मीडिया के लिए लिखना एक सृजनात्मक कार्य है। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और न्यू मीडिया के लिए लेखन में कुछ बातें सामान्य हैं।  समाचार ,   फीचर ,  लेख, समीक्षा, साक्षात्कार ,   वार्ता ,   कमेंट्री आदि लेखन सभी प्रकार के मीडिया की आवश्यकता है। साहित्य, सिनेमा व रंगमंच के लिए अलग तरह का लेखन होता है जिनमें कहानी, कविता-गीत के साथ ही पटकथा, संवाद आदि शामिल हैं। मीडिया के विभिन्न माध्यमों की विभिन्न विधाओं का संक्षिप्त परिचय इस प्रकार है – १ समाचार समाचार लेखन मीडिया का सबसे अधिक प्रचलित और महत्वपूर्ण लेखन है। समाचार किसी घटना की ऐसी अविलंब सूचना है जिसमें नवीनता और साधारणता , व्यापकता और स्पष्टता आदि गुण होते हैं। समाचार लेखन मूलतः दैनिक समाचार पत्रों, टीवी समाचार चैनलों और रेडियो के लिए किया जाता है। इसमें छह ककार यानी कब, क्या, कहां, क्यों, कैसे और कौन के नियम का पालन करना होता है। नवीनता समाचार का अनिवार्य तत्व है।...