इंटरप्रेटिव राइटिंग यानी व्याख्यातम लेखन Interpretative writing
इंटरप्रेटिव राइटिंग यानी व्याख्यातम लेखन डॉ. वेद प्रकाश भारद्वाज Dr. Ved Prakash Bhardwaj व्याख्या त्मक लेखन का अर्थ होता है किसी भी विषय का विश्लेषण करते हुए वैचारिक लेखन करना । इसमें विषय के बारे में पूर्ण जानकारी के साथ उसकी उपयोगिता व गुण-अवगुण का भी उल्लेख किया जाना जरूरी होता है। पत्रिकाओं में होने वाला लेखन ज्यादातर व्याख्यात्मक लेखन होता है। इसे विश्लेषणात्मक लेखन भी कह सकते हैं। जो भी वैचारिक लेखन होता है वह व्याख्यात्मक लेखन की श्रेणी में आता है। समाचार पत्रों व पत्रिकाओं के अलावा रेडियो पर भी वैचारिक लेखन होता है। इसके अलावा डिजिटल मीडिया पर भी वैचारिक लेखन खूब होता है। ब्लॉग राइटिंग के अलावा वेबसाइटों पर भी वैचारिक लेख प्रकाशित होते हैं। ऑन लाइन पत्रिकाओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है जिससे उसपर व्याख्यात्मक लेखन की आवश्यकता बढ़ती जा रही है। इसे उद्देश्यपूर्ण लेखन भी कहा जाता है क्योंकि इसमें लेखक किसी विषय पर अपने विचार रखते हुए पाठकों को प्रभावित करने का प्रयास करता है। इसका अर्थ है किसी विशेष विषय पर लक्षित समूह के लिए लेखन। वैसे तो सभी प्रकार के लेखन का एक उद...