तकनीकी लेखन
तकनीकी लेखन
तकनीकी लेखन का अर्थ है किसी
विशेष विषय के बारे में लिखना। विशेषरूप से विज्ञान व तकनीक संबंधित विषयों पर
लेखन को इसमें शामिल माना जाता है परंतु अन्य कुछ विषयों पर लेखन को भी तकनीकी
लेखन में शामिल किया जाता है। तकनीकी सिर्फ यांत्रिक नहीं होती। कई क्षेत्रों में
विशेष ज्ञान की आवश्यकता होती है। इसलिए उन विषयों पर लेखन को भी तकनीकी लेखन में
शामिल माना जाता है। उदाहरण के लिए व्यवसाय, पर्यावरण, खेल आदि पर लेखन को भी
तकनीकी लेखन कहा जाता है। इन विषयों में लेखन के लिए विशेष योग्यता की आवश्यकता
होती है। इन क्षेत्रों की के नियम व शब्दावलि सामान्य विषयों से अलग हैं। लेखन की
इस शैली का रचनात्मक लेखन या अकादमिक लेखन जैसी अन्य लेखन शैलियों की तुलना में अलग
उद्देश्य और विशेषताएं होती हैं। संचार माध्यमों के विस्तार के साथ ही विशेष
विषयों में लेखन की मांग बढ़ रही है। आज अखबार व पत्रिकाओं के साथ ही रेडियो व
टीवी के अलावा डिजिटल मीडिया पर भी विषय विशेष पर लेखन की अधिक आवश्यकता होती है।
बहुत सी पत्रिकाएं, टीवी चैनल, वेबसाइट आदि कुछ खास विषयों पर आधारित हैं जो
बिजनेस, खेल, विज्ञान, फोटोग्राफी, वाहन, पर्यावरण, कंप्यूटर आदि पर ही सामग्री का
प्रकाशन करते हैं या उस पर ही कार्यक्रमों का प्रसारण करते हैं। ऐसे में इन विषयों
पर विशेषज्ञ लेखकों की आवश्यकता बढ़ जाती है। इसके साथ ही विभिन्न कंपनियों को
अपने कार्यक्षेत्र के बारे में ऐसे लेखन की आवश्यकता होती है जिसका उपयोग प्रचार
सामग्री के अलावा डिजिटल मीडिया में किया जा सके।
तकनीकी लेखन के प्रकारः
उत्पादन
की जानकारी देने वाला साहित्य
निर्देश पुस्तिका
नीति नियमावली
प्रक्रिया नियमावली
उपयोगकर्ता मैनुअल
विश्लेषण रिपोर्ट
उत्पाद को असेंबल करने के
निर्देश
इसके अलावा विज्ञापन लेखन,
ब्लॉग लेखन, सोशल मीडिया लेखन, विभिन्न उत्पादनों पर आधारित फीचर व लेख लेखन को भी
इसमें शामिल किया जा सकता है। इस तरह से तकनीकी लेखन का क्षेत्र और विस्तृत हो
जाता है।
अच्छे तकनीकी लेखन के लिए
टिप्स
तकनीकी लेखन के लिए लेखक को
अपने विषय के बारे में संपूर्ण जानकारी होना आवश्यक है।
लेखक को पाठकों व दर्शकों की
ज्ञान क्षमता, उनकी रुचि, उनकी ग्रहण क्षमता की जानकारी होनी चाहिए। उसे पता होना
चाहिए कि लक्षित पाठक क्या पढ़ना चाहेगा और क्या नहीं।
विशेष पाठकों व दर्शकों की
रुचि का खास ध्यान रखना चाहिए।
तकनीकी लेखन में तकनीक
संबंधित शब्दों को यथा संभव सरल भाषा में लिखना चाहिए ताकि वह आसानी से सबकी समझ
में आ सके।
तकनीकी लेखक को अनावश्यक
विस्तार से बचते हुए केवल महत्वपूर्ण और उपयोगी बातों को ही लिखना चाहिए।
तकनीकी लेखन की शैली
निर्देशात्मक होनी चाहिए परंतु उसमें आदेश का भाव नहीं होना चाहिए।
तकनीकी लेखन में
पाठकों-दर्शकों में जिज्ञासा उत्पन्न करने का प्रयास होना चाहिए। लोगों को लगना
चाहिए कि जो लिखा गया है वह उनके लिए जानना आवश्यक है।
लेखक को अपनी राय को थोपने की
जगह लोगों को अपनी राय बनाने के लिए तैयार करना चाहिए।
तकनीकी लेखन में विवरणात्मक
शैली के साथ ही व्याख्यात्मक शैली का भी प्रयोग करना चाहिए।
तकनीकी लेखन को तथ्यात्मक,
तर्कपूर्ण व शोधपरक होना चाहिए। उसे काल्पनिक नहीं होना चाहिए।
तकनीकी लेखक को कठिन विषयों
को भी सरल और रोचक भाषा में लिखना चाहिए।
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