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Showing posts from January, 2022

समाचार पत्र व पत्रिकाओं के लिए लेखन

  समाचार पत्र व पत्रिकाओं के लिए लेखन डॉ. वेद प्रकाश भारद्वाज पहले इस बात पर विचार किया जाए कि समाचार पत्र और पत्रिका क्या है? समाचार पत्र : समाचार पत्र का अर्थ है जन - संचार का वह मुद्रित माध्यम जो लोगों तक नवीनतम जानकारियां पहुंचाने का काम कर ता है। इसके नाम से ही स्पष्ट है कि इनका मुख्य कार्य समाचारों का सम्प्रेषण है। समाचार का अर्थ है प्रतिदिन होने वाली घटनाएं। समाचार पत्रों में समाचारों के साथ ही समाचार विश्लेषण, संपादकीय, लेख, फीचर आदि भी प्रकाशित होते हैं। इसके साथ ही विशेष विषयों, शिक्षा, रोजगार, सिनेमा, साहित्य, कला आदि पर परिशिष्ट प्रकाशित किए जाते हैं। समाचार पत्रों में महिलाओं व बच्चों के लिए भी पृष्ठ होते हैं। आजकल समाचार पत्र आंशिक रूप से पत्रिकाओं की भूमिका भी निभाते हैं। इसके बाद भी समाचार पत्रों का मुख्य कार्य समाचार देना है। इसीलिए समाचार पत्रों में लेखन अलग तरह से किया जाता है। उनमें विज्ञान व तकनीकी विषयों पर भी आसान भाषा में लिखना होता है। समाचार पत्रों के लेखन को इसीलिए विवरणात्मक लेखन कहा जाता है। पत्रिका : समाचार पत्र से अलग पत्रिका का प्रकाशन एक अंतर...

इंटरप्रेटिव राइटिंग यानी व्याख्यातम लेखन Interpretative writing

  इंटरप्रेटिव राइटिंग यानी व्याख्यातम लेखन डॉ. वेद प्रकाश भारद्वाज Dr. Ved Prakash Bhardwaj व्याख्या त्मक लेखन का अर्थ होता है किसी भी विषय का विश्लेषण करते हुए वैचारिक लेखन करना । इसमें विषय के बारे में पूर्ण जानकारी के साथ उसकी उपयोगिता व गुण-अवगुण का भी उल्लेख किया जाना जरूरी होता है। पत्रिकाओं में होने वाला लेखन ज्यादातर व्याख्यात्मक लेखन होता है। इसे विश्लेषणात्मक लेखन भी कह सकते हैं। जो भी वैचारिक लेखन होता है वह व्याख्यात्मक लेखन की श्रेणी में आता है। समाचार पत्रों व पत्रिकाओं के अलावा रेडियो पर भी वैचारिक लेखन होता है। इसके अलावा डिजिटल मीडिया पर भी वैचारिक लेखन खूब होता है। ब्लॉग राइटिंग के अलावा वेबसाइटों पर भी वैचारिक लेख प्रकाशित होते हैं। ऑन लाइन पत्रिकाओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है जिससे उसपर व्याख्यात्मक लेखन की आवश्यकता बढ़ती जा रही है। इसे उद्देश्यपूर्ण लेखन भी कहा जाता है क्योंकि इसमें लेखक किसी विषय पर अपने विचार रखते हुए पाठकों को प्रभावित करने का प्रयास करता है। इसका अर्थ है किसी विशेष विषय पर लक्षित समूह के लिए लेखन। वैसे तो सभी प्रकार के लेखन का एक उद...

विवरणात्मक या कथात्मक लेखन (Narrative writing)

  विवरणात्मक या कथात्मक लेखन ( Narrative writing) Dr. Ved Prakash Bhardwaj विवरणात्मक लेखन या वर्णनात्मक लेखन का अर्थ है किसी भी विषय का तथ्यात्मक लेखन। इसे कथात्मक लेखन भी कहा जाता है यानी किसी समाचार चा जानकारी को एक कथा की तरह क्रम से प्रस्तुत करना। वैसे कथा-लेखन में कल्पनाशीलता की आवश्यकता होती है परंतु मीडिया में कथात्मक लेखन का अर्थ कहानी की तरह खबर को क्रम से लिखना है। मुख्यतः समाचार लेखन को हम विवरणात्मक लेखन की श्रेणी में रखते हैं। समाचार पत्रों व अन्य समाचार माध्यमों में सबसे अधिक लेखन इसी प्रकार का होता है। समाचार व रिपोर्ताज लिखने में इसी शैली का प्रयोग किया जाता है। विवरणात्मक लेखन का अर्थ है किसी भी घटना या जानकारी का सही विवरण देना। जब कोई घटना होती है तो पत्रकार उसके विवरणों को ध्यान में रखकर ही खबर लिखते हैं। खबर लिखते समय इस बात का ध्यान रखना होता है कि दिए गए विवरण सही क्रम में लिखे गए हों। यदि तथ्यों को अतार्किक रूप में आगे पीछे कर दिया जाएगा तो पाठक समाचार को ठीक से समझ नहीं पाएगा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इस बात का अधिक ध्यान रखना होता है। वहां श्रोता या ...

खेल पत्रकारिता व लेखन

  खेल पत्रकारिता व लेखन डॉ. वेद प्रकाश भारद्वाज खेल पत्रकारिता व स्वतंत्र खेल लेखन आज एक लोकप्रिय विषय है। मीडिया यानी की टेलीविज़न , रेडियो , अख़बार व पत्रिकाएं और इंटरनेट पर हर वक्त खेल सम्बंधी खबरों व अन्य जानकारी तलाश की जाती रहती है। खेल से संम्बधित हर अखबार और पत्रिका में समाचार होते हैं , कॉलम लिखे जाते है और उनके लिए अलग-अलग पन्ने भी समर्पित होते हैं।  भारत में लोग ना सिर्फ खेल के बारे में पढ़ने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं , बल्कि खेलों का एक सार्वभौमिक पाठक वर्ग भी है। खेल पत्रकारिता का क्षेत्र हर दिन तेज गति से बढ़ रहा है। खेल पत्रकारिता की बढ़ती लोकप्रियता को नाकारा नहीं जा सकता। खेल पत्रकार के कार्य पत्रकार का मुख्य काम खिलाड़ियों और टीम के ऊपर लेख और रिपोर्ट तैयार करना होता है। मीडिया के अलग-अलग माध्यमों के हिसाब से इन रिपोर्ट की रूपरेखा भी अलग-अलग होती है। रेडियो के अलावा मीडिया के सभी रूपों में खेल के समाचारों के साथ ही चित्रों की भी आवश्यकता होती है। कई मामलों में तो शब्दों से अधिक चित्र प्रभावशाली हो जाते हैं। इसलिए एक खेल पत्रकार व लेखक को चित्रों का भी ...